ResearchBib Share Your Research, Maximize Your Social Impacts
Sign for Notice Everyday Sign up >> Login

समकालीन कलाकार निकोलस रोरिक की कलाकृतियों का महत्व हिमालय चित्रकला के संदर्भ में

Journal: INTERNATIONAL JOURNAL OF RESEARCH -GRANTHAALAYAH (Vol.7, No. 11)

Publication Date:

Authors : ;

Page : 48-51

Keywords : हिमालय; प्रकृति; कलाकार;

Source : Downloadexternal Find it from : Google Scholarexternal

Abstract

हिमालय जहां ऋषियों का आवास है। यही वेदो की रचना हुई। हिमाच्छादित पर्वत श्रृंखलाऍ उनकी गहराइयॉ, ऊॅचे पहाड़ मनमुग्ध करने वाल वातावरण, झरते रजत प्रपात, गुलाबी मौसम यहॉ आने वाले किसी भी कलाकार को अपने ओर आकर्षित करता है। निकोलस रोरिक जब 1924 में भारत आये तो हिमालय के इस वातावरण ने उन्हें मुग्ध कर लिया और उन्होने बीस वर्श कुल्लु घाटी में व्यतीत किये और हिमालय को अपने चित्रण का विषय बनाया। ''रोरिक के हिमालय चित्रण के विषय में यथार्थ-रूप से यह कहा गया है। आज तक संसार के किसी चित्रकार ने हिमालय का चित्रण इतनी पटुता, इतनी गहन दृष्टि और विशेषता के साथ नहीं किया है। ''1

Last modified: 2020-01-08 16:09:59